➤ हिमाचल में 14 से 15 हजार पद भरने को कैबिनेट की मंजूरी
➤ कबड्डी में गोल्ड जीतने वाली चार बेटियों को एक-एक करोड़ रुपये
➤ दूध पर प्रोत्साहन राशि दोगुनी, आपदा प्रभावित परिवारों को भी राहत
हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, दुग्ध उत्पादकों और आपदा प्रभावित परिवारों के लिए कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में विभिन्न विभागों में करीब 14 से 15 हजार पद भरने की मंजूरी दी गई। इसके साथ ही कबड्डी में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली चार बेटियों को एक-एक करोड़ रुपये देने, दूध उत्पादकों के लिए प्रोत्साहन राशि तीन रुपये से बढ़ाकर छह रुपये प्रति लीटर करने और आपदा प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने जैसे फैसले भी लिए गए। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी साझा की।
सरकार के इन फैसलों में रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था बेहतर बनाने, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को राहत देने पर विशेष जोर दिखाई देता है। हालांकि, पदों को भरने की मंजूरी मिलने के बाद संबंधित विभागों की भर्ती प्रक्रिया, विज्ञापन और पात्रता संबंधी शर्तों की जानकारी अलग से जारी होने पर अभ्यर्थियों को पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
जल शक्ति विभाग में 4,300 पद भरने की मंजूरी
कैबिनेट ने जल शक्ति विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 4,300 पद भरने को मंजूरी दी है। इनमें 1,242 पंप ऑपरेटर, 175 फिल्टर, 1,845 बेलदार, 340 चौकीदार, 87 कुक और 43 पैरा हेल्पर के पद शामिल हैं। इन नियुक्तियों से विभाग के कामकाज को मजबूत करने और पेयजल योजनाओं के संचालन तथा रखरखाव में सहायता मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, कांगड़ा जिले के बनखंडी में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय स्तर के चिड़ियाघर के लिए विभिन्न श्रेणियों के 57 पद स्वीकृत किए गए हैं। शाहपुर जल शक्ति मंडल के तहत दरियानी में नया जल शक्ति अनुभाग खोलने को भी मंजूरी दी गई है।
स्कूलों, कॉलेजों और तकनीकी शिक्षा में भी पद स्वीकृत
शिक्षा क्षेत्र में भी कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। बैठक में सीबीएसई स्कूलों के लिए 3,900 पद और 900 गैर-शिक्षण पदों को भरने की मंजूरी दी गई। कॉलेजों में 320 सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति के लिए भी पद स्वीकृत किए गए हैं। तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में 200 शिक्षकों के पद भरने की अनुमति दी गई।
इन फैसलों से शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, भर्ती की प्रक्रिया और नियुक्तियों की समयसीमा संबंधित विभागों की ओर से जारी होने वाले निर्देशों पर निर्भर करेगी।
वन विभाग, लोक निर्माण विभाग और दिव्यांग बैकलॉग के पद
वन विभाग में 500 वन रक्षकों और 10 रेंज अधिकारियों के पद भरने की मंजूरी दी गई है। लोक निर्माण विभाग में 172 मल्टी टास्क वर्करों और 10 सहायक अभियंताओं के पद स्वीकृत किए गए हैं।
दिव्यांग श्रेणी के बैकलॉग को भरने के लिए भी 38 पदों को मंजूरी मिली है। इनमें पांच सहायक अभियंता, पांच कनिष्ठ अभियंता, 15 कनिष्ठ कार्यालय सहायक, दो ड्राफ्ट्समैन और 11 मल्टी टास्क वर्कर के पद शामिल हैं। यह फैसला उन पात्र अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो दिव्यांग श्रेणी के तहत लंबित रिक्तियों में भर्ती का इंतजार कर रहे हैं।
कैबिनेट ने आबकारी एवं कराधान विभाग में 10 कनिष्ठ कार्यालय सहायकों, बागवानी विभाग में 20 बागवानी विस्तार अधिकारियों और 10 बागवानी विकास अधिकारियों के पदों को भी मंजूरी दी है। विधानसभा सचिवालय में कुछ पदों और पुलिस विभाग में छह पदों को स्वीकृति दिए जाने की जानकारी भी मंत्री ने दी।
स्वास्थ्य विभाग में 500 स्टाफ नर्स समेत कई पद
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग में 500 स्टाफ नर्सों के पद भरने की मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त 40 रेडियोग्राफर, विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 24 विशेषज्ञ डॉक्टर, 30 रेडियोग्राफर, 13 क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट और छह पैरामेडिकल कर्मियों के पद स्वीकृत किए गए हैं।
स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध होना मरीजों को समय पर जांच, उपचार और अन्य जरूरी सेवाएं देने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से स्टाफ नर्सों, विशेषज्ञ चिकित्सकों और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े पेशेवरों की उपलब्धता बढ़ने से अस्पतालों के कामकाज को मजबूती मिल सकती है। रेडियोग्राफर के पदों की संख्या और नियुक्ति से संबंधित विस्तृत जानकारी विभागीय आदेशों से स्पष्ट होगी।
कबड्डी में गोल्ड जीतने वाली चार बेटियों को एक-एक करोड़
खेल जगत के लिए कैबिनेट का एक अहम फैसला कबड्डी में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली चार बेटियों को सम्मानित करने से जुड़ा है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के अनुसार, इन चारों खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। इनमें रितू नेगी भी शामिल हैं, जिनका विवाह हरियाणा में हुआ है।
यह फैसला खेल प्रतिभाओं के सम्मान और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक प्रोत्साहन मिलने से अन्य युवाओं को भी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकती है।
दूध उत्पादकों को अब छह रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन
दुग्ध उत्पादकों और सहकारी समितियों को राहत देते हुए कैबिनेट ने मिल्क इंसेंटिव स्कीम के तहत प्रोत्साहन राशि तीन रुपये से बढ़ाकर छह रुपये प्रति लीटर करने का निर्णय लिया है। यानी योजना के अंतर्गत निर्धारित पात्रता और शर्तों के अनुसार मिलने वाली प्रोत्साहन राशि दोगुनी हो जाएगी।
सरकार का उद्देश्य सहकारी दुग्ध समितियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और योजना को अधिक प्रभावी बनाना है। दूध उत्पादन से जुड़े ग्रामीण परिवारों के लिए यह निर्णय अतिरिक्त आर्थिक सहायता का माध्यम बन सकता है। वास्तविक लाभ योजना के लागू होने की शर्तों और पात्रता के अनुसार मिलेगा।
मंडी और कांगड़ा में खुलेंगी एनडीपीएस की विशेष अदालतें
नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की सुनवाई तेज करने के उद्देश्य से मंडी और कांगड़ा में एनडीपीएस मामलों के लिए दो विशेष अदालतें खोलने को मंजूरी दी गई है। इन अदालतों में मादक पदार्थों से संबंधित मामलों की सुनवाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विशेष अदालतों की स्थापना से ऐसे मामलों के निपटारे में तेजी लाने और कानूनी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, मामलों के निपटारे की वास्तविक गति अदालतों में उपलब्ध संसाधनों, लंबित मामलों की संख्या और न्यायिक प्रक्रिया पर भी निर्भर करेगी।
सुजानपुर होली मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की तैयारी
हमीरपुर जिले के सुजानपुर में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध होली मेले को राष्ट्रीय स्तर से अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेले के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी गई है। इस फैसले से मेले की पहचान को व्यापक बनाने और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाएं बन सकती हैं।
इसके अलावा, ट्राउट मछली के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 20 रुपये निर्धारित करने संबंधी नीति को भी मंजूरी दी गई है। यह निर्णय मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत लिया गया है। इस नीति का लाभ मछली पालन से जुड़े लोगों को किस तरह मिलेगा, यह इसके क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत प्रावधानों पर निर्भर करेगा।
विशेष पुलिस अधिकारियों का मानदेय बढ़ा
प्रदेश में तैनात 489 विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इसके बाद उनका मासिक मानदेय 9,200 रुपये हो जाएगा। यह निर्णय इन कर्मियों को मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता में वृद्धि करेगा।
इसके साथ ही होमगार्ड जवानों की पुलिस भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी राहत देने का फैसला लिया गया है। मंत्री के अनुसार, पात्र होमगार्ड जवानों को शारीरिक परीक्षा से छूट दी जाएगी और लिखित परीक्षा सहित अन्य निर्धारित मानदंडों के आधार पर भर्ती की जाएगी। इस फैसले की व्यावहारिक प्रक्रिया और पात्रता की शर्तें संबंधित भर्ती नियमों तथा विभागीय निर्देशों से स्पष्ट होंगी।
आपदा प्रभावित परिवारों को मकान और घरेलू नुकसान के लिए सहायता
कांगड़ा जिले के मोहल, सुपेड़ा, पटवार और संबंधित प्रभावित क्षेत्रों में 21 जुलाई 2026 को आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी गई है। इसके तहत प्रभावित लोगों को किराये के मकान के लिए 5,000 रुपये और राशन उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 7.5 लाख रुपये और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए एक लाख रुपये की सहायता का प्रावधान बताया गया है। गाय और भैंस जैसे पशुओं के नुकसान पर प्रति पशु 55 हजार रुपये तथा घरेलू सामान नष्ट होने की स्थिति में एक लाख रुपये की सहायता देने की बात कही गई है।
प्राकृतिक आपदा के बाद प्रभावित परिवारों के सामने आवास, भोजन और आजीविका से जुड़ी चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं। ऐसे में आर्थिक सहायता और राशन की व्यवस्था उन्हें दोबारा सामान्य जीवन शुरू करने में मदद कर सकती है। सहायता प्राप्त करने के लिए प्रभावित परिवारों को संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्धारित सत्यापन और पात्रता प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
पावर कॉरपोरेशन की उधार सीमा 7,200 करोड़ रुपये
कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की उधार सीमा 6,200 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7,200 करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी है। इस फैसले से निगम की स्वीकृत उधार सीमा में 1,000 करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। यह सीमा बढ़ाने की मंजूरी अपने आप में इतनी राशि का नया ऋण लेने या खर्च करने की पुष्टि नहीं है; वास्तविक वित्तीय निर्णय निगम की जरूरतों और लागू नियमों के अनुसार होंगे।
कुल मिलाकर, हिमाचल कैबिनेट के फैसलों में सरकारी पदों को भरने, स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं को मजबूत करने, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, दुग्ध उत्पादकों को राहत देने और आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता जैसे कई विषय शामिल हैं। अब इन निर्णयों का वास्तविक असर संबंधित विभागों की ओर से जारी होने वाले आदेशों, भर्ती विज्ञापनों और योजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।



